संदर्भ संख्या : 40015719065537 , दिनांक - 24 Nov 2020 तक की स्थिति
आवेदनकर्ता का विवरण :
शिकायत संख्या:-
40015719065537
आवेदक का नाम-
Dinesh Pratap Singh
विषय-
श्री मान जी समस्त दस्तावेज पंजीकृत डाक से प्रार्थी द्वारा दिनांक ०७ सितम्बर २०१९ को क्षेत्राधिकारी कैंट की सेवा में प्रेषित है और इंडिया पोस्ट की वेबसाइट यह बता रही है की वे सभी दस्तावेज दिनांक ०९ सितम्बर २०१९ को दिलकुशा उपडाक घर द्वारा क्षेत्राधिकारी कैंट कार्यालय द्वारा प्राप्त किया गया किन्तु अभाग्य यह है की क्षेत्राधिकारी कैंट इस बात में ज्यादा आनंद है की आवेदक द्वारा कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया इस बात का जिक्र उन्होंने अपने रिपोर्ट दिनांक २५ सितम्बर २०१९ में भी किया है जिसका मतलब होता है की प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज जो की दिनांक ०९ सितम्बर २०१९ को दिलकुशा उपडाक घर द्वारा क्षेत्राधिकारी कैंट कार्यालय द्वारा प्राप्त किया गया उपनिरीक्षक मनोज कुमार को भेजने के बजाय कार्यालय में ही अभी तक धूल खा रहा है | श्री मान जी पुलिस तथ्यों के आधार पर विवेचना करती है किन्तु यहा तो क्षेत्राधिकारी महोदय की रिपोर्ट मनमाना है जिसकी वजह से प्रार्थी को बार बार आवेदन करना पड़ रहा है | शिकायत संख्या 40015719059615 आवेदक कर्ता का नाम Dinesh Pratap Singh आवेदक कर्ता का मोबाइल न०9838919619 उपरोक्त प्रकरण में क्षेत्राधिकारी कैंट कहते है की बाबू सिंह की मौत १२०४२०१९ को हुई किन्तु उपनिरीक्षक मनोज कुमार और पूर्व क्षेत्राधिकारी कैंट के अनुसार मौत मई माह में हुई है शिकायत संख्या40015719058762 आवेदक कर्ता का नाम Dinesh Pratap Singh श्री मान जी उपरोक्त प्रकरण में प्रार्थी ने पी डी ऍफ़ डाक्यूमेंट्स के रूप में चार पत्र प्रस्तुत किया जिसमे दो पत्रों द्वारा उपनिरीक्षक मनोज कुमार ने स्वीकार किया की बाबू सिंह की मौत मई माह में हुई फिर तत्कालीन क्षेत्राधिकारी तनू उपाध्याय द्वारा भी गोपनीय जाँच करा के अपनी आख्या में यह तथ्य उजागर किया गया की बाबू सिंह की मौत मई माह में हुई किन्तु क्षेत्राधिकारी कैंट दुर्गेश कुमार सिंह उपरोक्त दोनों पुलिस अधिकारिओं की आख्या को झुठलाते हुए मौत की नयी थ्योरी दिया और मौत की तारीख को एक महींने पीछे खींच दिया अर्थात बाबू सिंह की मौत अप्रैल माह में हुई और हास्यास्पद यह है की हर किसी का रिपोर्ट मनोज कुमार की आख्या पर आधारित है | According to report of Manoj Kumar Sub inspector Police station Asiyana District Lucknow dated 07 June 2019, Babu Singh Son of R. P. Singh died on 11 May 2019 at Dehradun in Uttarakhand but circle officer Cant Mr. Durgesh Kumar Singh making claims differently. According to the report submitted by the aforementioned circle officer dated 04 Sept 2019, Babu Singh Son Of R. P. Singh died on 12 April 2019 at Dehradun in Uttarakhand moreover according to circle officer aforementioned Registrar, death and birth, Municipal corporation, Dehradun issued death certificate on 24062019. Whose claim is authenticated, can only be explained senior rank officers of the department by throwing more light on the issue. Whether it is not cryptic style of the dealing and contrary view points are not making the matter more mysterious and reports incredible as well Carelessness in the investigation of the police sub inspector Manoj Kumar submitted to the concerned circle officer.
विभाग -
पुलिस
शिकायत श्रेणी -
नियोजित तारीख-
26-10-2019
शिकायत की स्थिति-
स्तर -
क्षेत्राधिकारी स्तर
पद -
क्षेत्राधिकारी / सहायक पुलिस आयुक्त
प्राप्त रिमाइंडर-
प्राप्त फीडबैक -
दिनांक14-01-2020 को फीडबैक:-शिकायतकर्ता को संतुष्टि परिक्षण के लिए संपर्क किया गया , शिकायतकर्ता असंतुष्ट है , अभी समाधान नहीं हुआ है ,कृपया समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाये
फीडबैक की स्थिति -
संलग्नक देखें -
नोट- अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र.स.सन्दर्भ का प्रकारआदेश देने वाले अधिकारी आदेश/आपत्ति दिनांक आदेश/आपत्ति आख्या देने वाले अधिकारीआख्या दिनांकआख्या स्थिति संलगनक
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 26-09-2019 --क्षेत्राधिकारी / सहायक पुलिस आयुक्त-क्षेत्राधिकारी कैंट ,जनपद-लखनऊ 22-10-2019 प्रस्तुत प्रकरण की जांच की गयी |जांच आख्या संलग्न है | C-श्रेणीकरण
2 आख्या वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक( पुलिस) 29-01-2020 कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई हैक्षेत्राधिकारी / सहायक पुलिस आयुक्त-क्षेत्राधिकारी कैंट ,जनपद-लखनऊ 05-02-2020 प्रस्तुत प्रकरण की जांच की गयी |जांच आख्या संलग्न है | निस्तारित